इनका जन्म 8 अक्टूबर 1910 को नाथुपुर गांव
स्थान – दुगड्डा , पौड़ी में हुआ ।
शिक्षा – प्रारंभिक शिक्षा लैंसडाउन फिर मुरादाबाद चले ।
ये आजाद के नेतृत्व वाले हिंदुस्तान प्रजातान्त्रिक समाजवादी संघ के एकमात्र सदस्य थे
भवानी सिंह रावत का चंद्रशेखर आजाद से गहरा नाता रहा है. काकोरी कांड के बाद चंद्रशेखर आजाद अपने क्रांतिकारी साथियों के साथ दुगड्डा आए थे । तब भवानी सिंह रावत का घर ही चंद्रशेखर आजाद का ठिकाना हुआ करता था ।
1930 में गडोडिया स्टोर में डकैत पड़ी वे उसमे शामिल थे।
1931 में बम्बई पुलिस द्वारा गिरफ्तार ।
फरवरी 1933 में रिहा हो गए ।
इन्होने दुगड्डा (पौड़ी)में शहीद मेले की शुरुआत की ।
6 मई 1986 रुड़की में पंचलान में विलीन हो गए ।
स्थान – दुगड्डा , पौड़ी में हुआ ।
शिक्षा – प्रारंभिक शिक्षा लैंसडाउन फिर मुरादाबाद चले ।
ये आजाद के नेतृत्व वाले हिंदुस्तान प्रजातान्त्रिक समाजवादी संघ के एकमात्र सदस्य थे
भवानी सिंह रावत का चंद्रशेखर आजाद से गहरा नाता रहा है. काकोरी कांड के बाद चंद्रशेखर आजाद अपने क्रांतिकारी साथियों के साथ दुगड्डा आए थे । तब भवानी सिंह रावत का घर ही चंद्रशेखर आजाद का ठिकाना हुआ करता था ।
1930 में गडोडिया स्टोर में डकैत पड़ी वे उसमे शामिल थे।
1931 में बम्बई पुलिस द्वारा गिरफ्तार ।
फरवरी 1933 में रिहा हो गए ।
इन्होने दुगड्डा (पौड़ी)में शहीद मेले की शुरुआत की ।
6 मई 1986 रुड़की में पंचलान में विलीन हो गए ।
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