टिहरी रियासत Important Questions
1815 ई0 के बाद टिहरी रियासत Q.1 : टिहरी राज्य में ब्रिटिश सरकार का राजनैतिक प्रतिनिधित्व कुमाऊँ के कमिश्नर को सौंप गया – 26 दिसम्बर 1842 ई० को Q.1 :
1815 ई0 के बाद टिहरी रियासत Q.1 : टिहरी राज्य में ब्रिटिश सरकार का राजनैतिक प्रतिनिधित्व कुमाऊँ के कमिश्नर को सौंप गया – 26 दिसम्बर 1842 ई० को Q.1 :
Q.1 : – गढ़वाल और कुमाऊँ का मिलाकर एक पृथक राज्य बनाने संबंधी मांग सर्वप्रथम उठाई गई – 5-6 मई 1938 मे , श्रीनगर सम्मेलन मे Q.2 :
Q.1 : गोरखा प्रशासक चौतरिया बमशाह और अँग्रेज जनरल ओक्टरलोनी के बीच संधि हुई ? – अप्रैल 1875 Q.2 : टिहरी रियासत का प्रथम राजा – सुदर्शन शाह Q.3 :
Q.1 :- निम्नलिखित मे से “आगत” शब्द है ? A) तुंद B) अखबार (यह अरबी भाषा का शब्द है ) C) दूर्वा D) द्विप्रहर Q.2 :- निम्नलिखित मे से
DOWNLOAD FULL PDF 9वीं शताब्दी मे चांदपुर का राजा था – भानुप्रताप भानुप्रताप का दूसरा नाम था – सोनपाल कनकपाल आया था – धारा नगरी से कनकपाल ने परमार वंश
केदारनाथ मंदिर (Kedarnath Temple) यह मंदिर चारों धामों में सबसे ऊंचाई पर स्थित मंदिर है । केदारनाथ मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के रूद्रप्रयाग जिले में स्थित है। उत्तराखण्ड में
तारकेश्वर महादेव मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। ‘गढ़वाल राइफल’ के मुख्यालय लांसडाउन से यह मंदिर 36 किलोमीटर दूर है। देवदार और पाइन के घने जंगलों से घिरा
छिपला केदार मंदिर (Chipla Kedar Temple) पिथौरागढ़ जनपद के सीमान्त क्षेत्र के दर्जनों गाँवों में अधिशासित आराध्य देव छिपलाकेदार धारचूला तहसील के बरम से लेकर खेत तक के सभी गाँवों
चैती देवी मंदिर या बाल सुंदरी मंदिर काशीपुर चैती देवी मन्दिर जिसे माता बालासुन्दरी मन्दिर भी कहा जाता है । उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले में काशीपुर कस्बेे में कुँडेश्वरी मार्ग